Spread the loveकुमाऊ। उत्तराखंड के कुमाऊं मंडल में सामने आए करीब 25 करोड़ रुपये के बड़े भूमि घोटाले मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। इस हाई-प्रोफाइल केस के मुख्य आरोपी धनंजय गिरी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद मामले की जांच और तेज हो गई है तथा अब SIT पूरे नेटवर्क की परतें खोलने में जुटी हुई है। आईजी कुमाऊं के निर्देश पर गठित विशेष जांच दल (SIT) इस पूरे मामले की निगरानी कर रहा है। जांच एजेंसियों का मानना है कि यह केवल जमीन खरीद-फरोख्त का मामला नहीं बल्कि एक संगठित भूमि धोखाधड़ी गिरोह का नेटवर्क है, जिसमें फर्जी दस्तावेज, जाली हस्ताक्षर और सरकारी रिकॉर्ड में हेरफेर कर करोड़ों रुपये की जमीनों का अवैध कारोबार किया गया। विभागीय सांठगांठ की जांच तेज SIT अब राजस्व विभाग, रजिस्ट्री कार्यालय और अन्य सरकारी विभागों के कर्मचारियों की भूमिका की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि बिना प्रशासनिक मिलीभगत के सरकारी रिकॉर्ड में इतनी बड़ी हेराफेरी संभव नहीं थी। जांच टीम यह पता लगाने में जुटी है कि किन अधिकारियों और कर्मचारियों ने फर्जी दस्तावेज तैयार करने या रिकॉर्ड बदलने में आरोपियों की मदद की। सूत्रों के अनुसार कई संदिग्ध दस्तावेज, जमीन रजिस्ट्री रिकॉर्ड और डिजिटल एंट्री को खंगाला जा रहा है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कहीं सरकारी जमीनों को निजी संपत्ति दिखाकर अवैध तरीके से बेचा तो नहीं गया। बैंक खातों और लेन-देन पर SIT की नजर पुलिस अब आरोपी धनंजय गिरी और उसके करीबियों के बैंक खातों की भी जांच कर रही है। SIT करोड़ों रुपये के लेन-देन की पूरी चेन को ट्रैक करने में जुटी हुई है। आर्थिक अपराध शाखा की मदद से संदिग्ध खातों, प्रॉपर्टी निवेश और नकदी के स्रोतों की जानकारी जुटाई जा रही है। जांच एजेंसियों को आशंका है कि इस घोटाले के जरिए अर्जित रकम को कई अलग-अलग खातों और संपत्तियों में निवेश किया गया हो सकता है। पुलिस अब ऐसी संपत्तियों को चिन्हित कर कुर्क करने की तैयारी कर रही है। गैंगस्टर एक्ट लगाने की तैयारी पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड भी खंगाला जा रहा है। यदि जांच में संगठित अपराध और बड़े आर्थिक नेटवर्क की पुष्टि होती है तो आरोपियों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई की जा सकती है। इससे गिरोह की संपत्तियों को जब्त करने और नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने में मदद मिलेगी। कई बड़े नाम आ सकते हैं सामने जांच एजेंसियों का मानना है कि इस पूरे नेटवर्क में कई प्रभावशाली लोगों की भूमिका सामने आ सकती है। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर उन लोगों के नाम जुटा रही है जो जमीन सौदों, फर्जी दस्तावेज तैयार करने और अवैध लेन-देन में शामिल थे। SIT अन्य पीड़ितों के बयान भी दर्ज कर रही है। माना जा रहा है कि कई लोगों को करोड़ों रुपये की जमीन दिखाकर धोखा दिया गया। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यदि वे इस गिरोह के शिकार हुए हैं तो आगे आकर शिकायत दर्ज कराएं। प्रशासन पर उठे सवाल इस बड़े भू-घोटाले ने प्रशासनिक व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सरकारी रिकॉर्ड में कथित हेरफेर और करोड़ों की जमीनों के अवैध सौदों ने राजस्व और रजिस्ट्री विभाग की कार्यप्रणाली को कटघरे में खड़ा कर दिया है। सरकार और पुलिस प्रशासन का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। आने वाले दिनों में इस केस में और भी बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है। Post Views: 4 Post navigation फौजियों और पहाड़ के लोगों को जमीन बेचने के नाम पर करोड़ों की ठगी, दो शातिर गिरफ्तार