Spread the loveदेहरादून। उत्तराखंड में इस समय गर्मी अपने चरम पर पहुंच चुकी है। पहाड़ों के राज्य के रूप में पहचान रखने वाले उत्तराखंड में इस बार मैदानी इलाकों के साथ-साथ पर्वतीय क्षेत्रों में भी तापमान सामान्य से काफी ऊपर दर्ज किया जा रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 27 मई के लिए राज्य के कई जिलों में भीषण लू और गर्म हवाओं का अलर्ट जारी किया है। विशेष रूप से देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल, उत्तरकाशी और ऊधमसिंह नगर जैसे जिलों में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। लगातार बढ़ती गर्मी ने आम जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। दोपहर के समय सड़कें सूनी नजर आ रही हैं और अस्पतालों में डिहाइड्रेशन तथा हीट स्ट्रोक के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। मौसम विभाग के अनुसार देहरादून और हरिद्वार में तापमान 40 से 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। पर्वतीय क्षेत्रों में भी तापमान में असामान्य बढ़ोतरी दर्ज की गई है। नैनीताल और मसूरी जैसे पर्यटन स्थलों में भी गर्मी महसूस की जा रही है, जिससे पर्यटक भी परेशान हैं। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि उत्तर भारत में सक्रिय गर्म हवाओं और पश्चिमी विक्षोभ की अनुपस्थिति के कारण यह स्थिति बनी हुई है। पिछले कुछ दिनों से लगातार तेज धूप और शुष्क हवाओं ने गर्मी को और अधिक बढ़ा दिया है। राज्य के मैदानी क्षेत्रों में सबसे अधिक असर हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर में देखा जा रहा है। यहां सुबह से ही तेज धूप निकल रही है और दोपहर होते-होते सड़कें तपने लगती हैं। कई इलाकों में बिजली की मांग अचानक बढ़ने से कटौती की समस्या भी सामने आने लगी है। ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की कमी ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। खेतों में काम करने वाले किसानों और दिहाड़ी मजदूरों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। डॉक्टरों ने लोगों को पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, हल्के कपड़े पहनने और दोपहर 12 बजे से 4 बजे के बीच बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है। हालांकि इस भीषण गर्मी के बीच मौसम विभाग ने राहत भरी खबर भी दी है। विभाग के अनुसार 28 मई से उत्तराखंड के मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने के कारण राज्य के कई हिस्सों में बारिश, तेज हवाएं और ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है। देहरादून, टिहरी, चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर, पिथौरागढ़ और उत्तरकाशी जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। कुछ ऊंचाई वाले इलाकों में ओलावृष्टि की भी आशंका व्यक्त की गई है। मौसम विभाग ने बताया कि 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। ऐसे में लोगों को खुले स्थानों, पेड़ों और कमजोर भवनों के पास सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। चारधाम यात्रा मार्गों पर भी प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं क्योंकि बारिश और तेज हवाओं के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा बढ़ सकता है। यात्रा मार्गों पर तैनात पुलिस और आपदा प्रबंधन टीमों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। राज्य के किसानों के लिए यह मौसम बदलाव मिश्रित प्रभाव लेकर आ सकता है। जहां एक ओर बारिश से गर्मी से राहत मिलेगी और फसलों को फायदा होगा, वहीं दूसरी ओर ओलावृष्टि से फल और सब्जी की खेती को नुकसान पहुंचने की आशंका भी बनी हुई है। खासकर सेब, लीची और आम की फसलों पर इसका असर पड़ सकता है। कृषि विभाग ने किसानों को मौसम अपडेट पर लगातार नजर बनाए रखने की सलाह दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण उत्तराखंड के मौसम में तेजी से बदलाव देखने को मिल रहे हैं। पहले जहां पहाड़ी क्षेत्रों में इतनी अधिक गर्मी कम देखने को मिलती थी, वहीं अब तापमान लगातार नए रिकॉर्ड बना रहा है। ग्लेशियरों के पिघलने, जंगलों में आग की घटनाओं और जलस्रोतों के सूखने जैसी समस्याएं भी बढ़ती जा रही हैं। वैज्ञानिकों का कहना है कि आने वाले वर्षों में यदि पर्यावरण संरक्षण और जलवायु संतुलन पर ध्यान नहीं दिया गया तो उत्तराखंड में मौसम की चरम स्थितियां और अधिक गंभीर हो सकती हैं। इस बीच प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे मौसम विभाग द्वारा जारी एडवाइजरी का पालन करें। बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों का विशेष ध्यान रखने को कहा गया है। स्कूलों में भी गर्मी को देखते हुए कई जगह समय में बदलाव किया गया है। स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों में अतिरिक्त व्यवस्था करने के निर्देश जारी किए हैं ताकि हीट स्ट्रोक या डिहाइड्रेशन के मामलों में तुरंत इलाज उपलब्ध कराया जा सके। उत्तराखंड में अगले 48 घंटे मौसम के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। एक ओर भीषण गर्मी लोगों की परीक्षा ले रही है तो दूसरी ओर आने वाली बारिश से राहत की उम्मीद भी बंधी हुई है। अब सबकी नजरें 28 और 29 मई के मौसम पर टिकी हैं, जब राज्य में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल सकता है। Post Views: 2 Post navigation रानीपोखरी में हेड कांस्टेबल की संदिग्ध परिस्थितियों में गोली लगने से मौत, पुलिस जांच में जुटी बकरीद को लेकर उत्तराखंड में सख्त गाइडलाइन लागू ,हरिद्वार और हल्द्वानी में प्रशासन अलर्ट मोड पर, सड़कों पर नमाज पर रोक