पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिलों में 29 और 30 जून को भारी से अत्यंत भारी बारिश का ऑरेंज/रेड अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग और लाइव हिंदुस्तान की रिपोर्ट के अनुसार, इन दोनों जिलों में मूसलाधार बारिश के कारण भूस्खलन (landslides) और नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने का खतरा है।आगामी दिनों के मौसम और उमस की स्थिति का मुख्य विवरण इस प्रकार है:भारी बारिश का पूर्वानुमान (29-30 जून)अत्यंत भारी बारिश: पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिलों के कुछ हिस्सों में अत्यधिक मूसलाधार बारिश की आशंका है।संवेदनशील इलाके: नदी तटों और पहाड़ों के ढलानों पर रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।अन्य पहाड़ी जिले: चमोली, रुद्रप्रयाग और उत्तरकाशी में भी भारी बारिश का सिलसिला जारी रहेगा।मैदानी इलाकों में उमस भरी गर्मीतापमान की स्थिति: देहरादून, हरिद्वार और उधमसिंह नगर जैसे मैदानी क्षेत्रों में तापमान 36°C से 37°C के बीच बना हुआ है।उमस का कारण: प्री-मानसून की हल्की बूंदाबांदी और हवा में नमी बढ़ने के कारण चिपचिपी गर्मी (humidity) ने लोगों को बेहाल कर रखा है।राहत कब: मानसून के पूरी तरह सक्रिय होने (29-30 जून के बाद) पर ही मैदानी इलाकों के तापमान में गिरावट आएगी और उमस से राहत मिलेगी।क्या आप पिथौरागढ़ या बागेश्वर में राहत शिविरों/प्रशासनिक हेल्पलाइन की जानकारी चाहते हैं, या देहरादून में अगले 24 घंटों में बारिश की संभावना जानना चाहते हैं?
Spread the love

दैनिक प्रभातवाणी, देहरादून। उत्तराखंड में दक्षिण-पश्चिम मानसून की दस्तक अब बेहद करीब है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार राज्य में 28 से 30 जून 2026 के बीच मानसून कभी भी प्रवेश कर सकता है। इसके साथ ही प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियां तेज हो गई हैं और मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग ने पर्वतीय और मैदानी क्षेत्रों के लिए यलो अलर्ट जारी करते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से आने वाली नमी के कारण उत्तराखंड में बादलों की सक्रियता लगातार बढ़ रही है। कुमाऊं और गढ़वाल मंडल के अधिकांश जिलों में अगले कुछ दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है, जबकि कुछ स्थानों पर भारी बारिश भी दर्ज की जा सकती है। मानसून के आगमन के साथ ही तापमान में गिरावट आएगी और पिछले कुछ दिनों से पड़ रही उमस और गर्मी से लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।

मौसम विभाग ने उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिलों के लिए विशेष चेतावनी जारी की है। इन संवेदनशील जिलों में तेज बारिश, बिजली गिरने और अचानक मौसम खराब होने की संभावना को देखते हुए प्रशासन को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन और मलबा आने की घटनाओं की आशंका को देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग ने भी निगरानी बढ़ा दी है।

आईएमडी के अनुसार प्रदेश के कई इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज और झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं। मैदानी क्षेत्रों में धूलभरी आंधी तथा पर्वतीय इलाकों में तेज हवाओं के साथ बारिश का दौर देखने को मिल सकता है। इसके अलावा कई स्थानों पर आकाशीय बिजली गिरने की भी आशंका व्यक्त की गई है। ऐसे में लोगों को खुले मैदान, ऊंचे पेड़ों और बिजली के खंभों के पास जाने से बचने की सलाह दी गई है।

चारधाम यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं और पहाड़ों की यात्रा कर रहे पर्यटकों के लिए भी मौसम विभाग ने विशेष एडवाइजरी जारी की है। यात्रियों को खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रुकने, मौसम की ताजा जानकारी लेते रहने और प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है। विशेष रूप से पहाड़ी मार्गों पर यात्रा करने वालों को भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून की शुरुआत के साथ राज्य में जल स्रोतों में सुधार होगा और कृषि गतिविधियों को भी लाभ मिलेगा। हालांकि शुरुआती दौर में तेज बारिश, बिजली गिरने और भूस्खलन की घटनाएं चुनौती बन सकती हैं। ऐसे में प्रशासन, स्थानीय लोगों और यात्रियों को सतर्क रहकर मौसम संबंधी चेतावनियों पर नजर बनाए रखने की आवश्यकता है।